भारत की 15 रहस्यमयी गुफाओं का रहस्य जानिए...

भारत की 15 रहस्यमयी गुफाओं का रहस्य जानिए...
अभगच्छत राजेन्द्र देविकां विश्रुताम्।
प्रसूर्तित्र विप्राणां श्रूयते भरतर्षभ॥- महाभारत
अर्थात्- सप्तचरुतीर्थ के पास वितस्ता नदी की शाखा देविका नदी के तट पर मनुष्य जाति की उत्पत्ति हुई। प्रमाण यही बताते हैं कि आदि सृष्टि की उत्पत्ति भारत के उत्तराखंड अर्थात इस ब्रह्मावर्त क्षेत्र में ही हुई।

प्रारंभिक मानव गुफा में रहता था? उल्लेखनीय है कि वैज्ञानिकों ने दुनिया की सबसे प्राचीन पहाड़ी अरावली और सतपुड़ा की पहाड़ियों को माना है। यूनान के लोगों की धारणा थी कि उनके देवता गुफाओं में ही रहते थे। इसी प्रकार रोम के लोगों का मानना था कि गुफाओं में परियां तथा जादू-टोना करने वाले लोग रहते हैं। फारस के लोग मानते थे कि गुफाओं में देवताओं का वास होता है। आज का विज्ञान कहता है कि गुफाओं में एलियंस रहते थे। गुफाओं का इतिहास सदियों पुराना है। पाषाण युग में मानव गुफाओं में रहता था।
आमतौर पर पहाड़ों को खोदकर बनाई गई जगह को गुफा कहते हैं, लेकिन गुफाएं केवल पहाड़ों पर ही निर्मित नहीं होती हैं यह जमीन के भीतर भी बनाई जातीं और प्राकृतिक रूप से भी बनती हैं। प्राकृतिक रूप से जमीन के नीचे बहने वाली पानी की धारा से बनती हैं। ज्वालामुखी की वजह से भी गुफाओं का निर्माण होता है। दुनिया में अनेक छोटी-बड़ी गुफाएं हैं, जो किसी अजूबे से कम नहीं हैं।
अफगानिस्तान के बामियान से भीमबैठका तक और अमरनाथ से महाबलीपुरम तक भारत में हजारों गुफाएं हैं। हिमालय में तो अनगिनत प्राकृतिक गुफाएं हैं जिनके बारे में कहा जाता है कि वहां साधु-संत ध्यान और तपस्या करते हैं। आओ जानते हैं भारत की 15 रहस्यमयी गुफाओं के बारे में, जो अब रखरखाव के अभाव में अपने अस्तित्व संकट से जूझ रही हैं। भारत सरकार को चाहिए कि वह इस पर ध्यान दें।

भीमबैठका : भीम यहां बैठते थे, विश्राम करते थे इसलिए इन गुफाओं को भीमबैठका कहा जाता है। भीमबैठका रातापानी अभयारण्य में स्थित है। यह भोपाल से 40 किलोमीटर दक्षिण में है। यहां से आगे सतपुडा की पहाड़ियां शुरू हो जाती हैं। भीमबेटका (भीमबैठका) भारत के मध्यप्रदेश प्रांत के रायसेन जिले में स्थित एक पुरापाषाणिक आवासीय पुरास्थल है। यह आदिमानव द्वारा बनाए गए शैलचित्रों और शैलाश्रयों के लिए प्रसिद्ध है। इन चित्रों को पुरापाषाण काल से मध्यपाषाण काल के समय का माना जाता है।
 
नर्मदा घाटी को विश्व की सबसे प्राचीन घाटियों में गिना जाता है। यहां भीमबैठका, भेड़ाघाट, नेमावर, हरदा, ओंकारेश्वर, महेश्वर, होशंगाबाद, बावनगजा, अंगारेश्वर, शूलपाणी आदि नर्मदा तट के प्राचीन स्थान हैं। नर्मदा घाटी में डायनासोर के अंडे भी पाए गए हैं और यहां कई विशालकाय प्रजातियों के कंकाल भी मिले हैं। छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में तो कई गुफाएं हैं। एक गुफा में 10 हजार वर्ष पुराने शैलचित्र मिले हैं।
यहां मिले शैलचित्रों में स्पष्ट रूप से एक उड़नतश्तरी बनी हुई है। साथ ही इस तश्तरी से निकलने वाले एलियंस का चित्र भी स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है, जो आम मानव को एक अजीब छड़ी द्वारा निर्देश दे रहा है। इस एलियंस ने अपने सिर पर हेलमेट जैसा भी कुछ पहन रखा है जिस पर कुछ एंटीना लगे हैं। वैज्ञानिक कहते हैं कि 10 हजार वर्ष पूर्व बनाए गए ये चित्र स्पष्ट करते हैं कि यहां एलियन आए थे, जो तकनीकी मामले में हमसे कम से कम 10 हजार वर्ष आगे हैं ही।
भीमबेटका क्षेत्र को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, भोपाल मंडल ने अगस्त 1990 में राष्ट्रीय महत्त्व का स्थल घोषित किया। इसके बाद जुलाई 2003 में यूनेस्को ने इसे विश्व धरोहर स्थल घोषित किया है। ये भारत में मानव जीवन के प्राचीनतम चिह्न हैं। इनकी खोज वर्ष 1957-1958 में डॉक्टर विष्णु श्रीधर वाकणकर द्वारा की गई थी।
यहां 750 शैलाश्रय हैं जिनमें 500 शैलाश्रय चित्रों द्वारा सज्जित हैं। पूर्व पाषाणकाल से मध्य ऐतिहासिक काल तक यह स्थान मानव गतिविधियों का केंद्र रहा।
इन चित्रों में शिकार, नाच-गाना, घोड़े व हाथी की सवारी, लड़ते हुए जानवर, श्रृंगार, मुखौटे और घरेलू जीवन का बड़ा ही शानदार चित्रण किया गया है। इसके अलावा वन में रहने वाले बाघ, शेर से लेकर जंगली सूअर, भैंसा, हाथी, हिरण, घोड़ा, कुत्ता, बंदर, छिपकली व बिच्छू तक चित्रित हैं। चित्रों में प्रयोग किए गए खनिज रंगों में मुख्य रूप से गेंरुआ, लाल और सफेद हैं और कहीं-कहीं पीला और हरा रंग भी प्रयोग हुआ है।
कहीं-कहीं तो चित्र बहुत सघन हैं जिनसे पता चलता है कि ये अलग-अलग समय में अलग-अलग लोगों ने बनाए होंगे। इनके काल की गणना कार्बन डेटिंग सिस्टम से की गई है जिनमें अलग-अलग स्थानों पर पूर्व पाषाणकाल से लेकर मध्यकाल तक की चित्रकारी मिलती है। इसकी कार्बन डेटिंग से पता चला है कि इनमें से कुछ चित्र तो लगभग 25 हजार वर्ष पुराने हैं।
ये चित्र गुफाओं की दीवारों व छतों पर बनाए गए हैं जिससे मौसम का प्रभाव कम से कम हो। अधिकतर चित्र सफेद व लाल रंग से ही बनाए गए हैं लेकिन मध्यकाल के कुछ चित्र हरे व पीले रंगों से भी निर्मित हैं। प्रयुक्त रंगों में कुछ पदार्थों जैसे मैंगनीज, हैमेटाइट, नरम लाल पत्थर व लकड़ी के कोयले का मिश्रण होता था। इसमें जानवरों की चर्बी व पत्तियों का अर्क भी मिला दिया जाता था। आज भी ये रंग वैसे के वैसे ही हैं।

अजंता-एलोरा की गुफाएं : यह स्थान महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले में स्थित हैं। इसमें अजंता में 29 बौद्ध गुफाएं और कई हिन्दू मंदिर मौजूद हैं। ये गुफाएं अपनी चित्रकारी, गुफाएं और अद्भुत मंदिरों के लिए प्रसिद्ध हैं। ये गुफाएं कई हजार वर्ष पुरानी हैं, लेकिन बौद्ध गुफाएं होने के कारण इनको 2 सदी ईसा पूर्व से 7 शताब्दी ईसा तक का माना जाता रहा है, लेकिन अब नए शोध ने यह धारणा बदल दी है।
 
एलोरा की गुफाएं सबसे प्राचीन मानी जाती हैं। इसमें पत्थर को काटकर बनाई गईं 34 गुफाएं हैं और एक रहस्यमयी प्राचीन हिन्दू मंदिर है जिसके बारे में कहा जाता है कि इसे कोई मानव नहीं बना सकता और इसे आज की आधुनिक तकनीक से भी नहीं बनाया जा सकता। इस विशालकाय अद्भुत मंदिर को सभी देखने आते हैं। इसका नाम कैलाश मंदिर है। आर्कियोलॉजिस्टों के अनुसार इसे कम से कम 4 हजार वर्ष पूर्व बनाया गया था। 40 लाख टन की चट्टानों से बनाए गए इस मंदिर को किस तकनीक से बनाया गया होगा? यह आज की आधुनिक इंजीनियरिंग के बस की बात नहीं है।
माना जाता है कि एलोरा की गुफाओं के अंदर नीचे एक सीक्रेट शहर है। आर्कियोलॉजिकल और जियोलॉजिस्ट की रिसर्च से यह पता चला कि ये कोई सामान्य गुफाएं नहीं हैं। इन गुफाओं को कोई आम इंसान या आज की आधुनिक तकनीक नहीं बना सकती। यहां एक ऐसी सुरंग है, जो इसे अंडरग्राउंड शहर में ले जाती है।
 एलीफेंटा की गुफा : मुंबई के गेट वे ऑफ इंडिया से लगभग 12 किलोमीटर दूर स्थित एक स्थल है, जो एलीफेंटा नाम से विश्वविख्यात है। यहां पहाड़ को काटकर बनाई गई इन सुंदर और रहस्यमय गुफाओं को किसने बनाया होगा? माना जाता है कि इसे 7वीं व 8वीं शताब्दी में राष्‍ट्रकूट राजाओं द्वारा खोजा गया था। 'खोजा गया था' का मतलब यह कि यह उन्होंने बनाया नहीं था। कई हजार वर्षों पुरानी इन गुफाओं की संख्या 7 हैं जिनमें से सबसे महत्‍वपूर्ण है महेश मूर्ति गुफा। एलीफेंटा को घारापुरी के पुराने नाम से जाना जाता है, जो कोंकणी मौर्य की द्वीप राजधानी थी।
इसका ऐतिहासिक नाम घारापुरी है। यह नाम मूल नाम अग्रहारपुरी से निकला हुआ है। एलीफेंटा नाम पुर्तगालियों ने दिया है। यहां हिन्दू धर्म के अनेक देवी-देवताओं की मूर्तियां हैं। यहां भगवान शंकर की 9 बड़ी-बड़ी मूर्तियां हैं, जो शंकरजी के विभिन्न रूपों तथा क्रियाओं को दिखाती हैं। इनमें शिव की त्रिमूर्ति प्रतिमा सबसे आकर्षक है। यह पाषाण-शिल्पित मंदिर समूह लगभग 6,000 वर्गफीट के क्षेत्र में फैला है।
गुफा के मुख्‍य हिस्‍से में पोर्टिको के अलावा 3 ओर से खुले सिरे हैं और इसके पिछली ओर 27 मीटर का चौकोर स्‍थान है और इसे 6 खंभों की कतार से सहारा दिया जाता है। 'द्वारपाल' की विशाल मूर्तियां अत्‍यंत प्रभावशाली हैं। इस गुफा में शिल्‍पकला के कक्षों में अर्धनारीश्‍वर, कल्‍याण सुंदर शिव, रावण द्वारा कैलाश पर्वत को ले जाने, अंधकारी मूर्ति और नटराज शिव की उल्‍लेखनीय छवियां दिखाई गई हैं। इस गुफा संकुल को यूनेस्‍को द्वारा विश्‍व विरासत का दर्जा दिया गया है।
 बाघ की गुफाएं : बाघ की गुफाएं प्राचीन भारत के स्वर्णिम युग की अद्वितीय देन हैं। मध्यप्रदेश के प्राचीन स्थल धार जिले में स्थित बाघ की गुफाओं को देखने के लिए देश-विदेश से पर्यटक आते हैं। धार, इंदौर शहर से 60 किलोमीटर की दूरी पर ही है। बाघिनी नामक छोटी-सी नदी के बाएं तट पर और विंध्य पर्वत के दक्षिण ढलान पर स्थित इन गुफाओं का इतिहास भी रहस्यों से भरा है।
बाघ-कुक्षी मार्ग से थोड़ा हटकर बाघ की गुफाएं बाघ ग्राम से 5 मील दूर हैं। यह स्थल उस विशाल प्राचीन मार्ग पर स्थित है, जो उत्तर से अजंता होकर सुदूर दक्षिण तक जाता है।
इसमें कुल 9 गुफाएं हैं जिनमें से 1, 7, 8 और 9वीं गुफा नष्टप्राय है तथा गुफा संख्या 2 'पाण्डव गुफा' के नाम से प्रचलित है जबकि तीसरी गुफा 'हाथीखाना' और चौथी 'रंगमहल' के नाम से जानी जाती है। इन गुफा का निर्माण संभवतः 5वी-6वीं शताब्दी ई. में हुआ होगा।
माना जाता है कि इन गुफाओं का निर्माण भगवान बुद्ध की प्रतिदिन होने वाली दिव्यवार्ता को प्रतिपादित करने हेतु निर्मित और चित्रित किया गया था। बाघ की गुफा संख्या 1 से 9 तक में कक्ष, स्तंभ, लंबे बरामदे, कोठरियां, शैलकृत स्तूप, बुद्ध प्रतिमा, बोधिसत्व, अवलोकितेंर मैत्रेय, नदी, देवियों आदि का अंकन है। बाघ की गुफा संख्या 2, 3, 4, 5, एवं 7 में भित्तिचित्र हैं, गुफा में 6 दृश्यों का अंकन है। बाघ गुफाओं के चित्रों की शैली अजंता के समान है तथा ये अजंता के समकालीन हैं।
 बहाकाली और कन्हेरी की गुफाएं : मुंबई में कई गुफाएं हैं। उनमें से एलीफेंटा, महाकाली और कन्हेरी की गुफाएं प्रसि‍द्ध हैं। महाकाली की गुफा मुंबई के अंधेरी वेस्ट में बौद्धमठ के पास है, जबकि कन्हेरी की गुफा मुंबई के पश्चिम में बसे बोरीवली क्षेत्र में स्थित है।
महाकाली की गुफाएं 19 गुफाओं को मिलाकर बनाई गई हैं। माना जाता है कि लगभग 1 शताब्दी से 6वीं के शताब्दी के मध्य इसका निर्माण हुआ था। महाकाली गुफा के बीच में एक शिव मंदिर है। यहां का शिवलिंग 8 फिट ऊंचा है। महाकाली गुफा में 9वीं गुफा सबसे बड़ी है, इस गुफा में बुद्ध की पौराणिक कथा और उनके 7 चित्र बने हुए हैं।
कन्हेरी की गुफा की लंबाई 86 फुट, चौड़ाई 40 फुट और ऊंचाई 50 फुट है। इसमें 34 स्तंभ लगाए गए हैं। कन्हेरी की गणना पश्चिमी भारत के प्रधान बौद्ध दरीमंदिरों में की जाती है।
 बोरा गुफाएं : दक्षिणी राज्य आंध्रप्रदेश में ऐसी कई गुफाएं हैं। इनमें बेलम व बोरा गुफाएं प्रमुख हैं। बोरा गुफाएं विशाखापट्टनम से 90 किलोमीटर की दूरी पर हैं। 10 लाख साल पुरानी ये गुफाएं समुद्र तल से 1400 फुट ऊंचाई पर स्थित हैं। भू-वैज्ञानिकों के शोध कहते हैं कि लाइमस्टोन की ये स्टैलक्टाइट व स्टैलग्माइट गुफाएं गोस्थनी नदी के प्रवाह का परिणाम हैं।
गुफाएं अंदर से काफी विराट हैं। उनके भीतर घूमना एक अद्भुत अनुभव है। अंदर घुसकर वह एक अलग ही दुनिया नजर आती है। कहीं आप रेंगते हुए मानो किसी सुरंग में घुस रहे होते हैं तो कहीं अचानक आप विशालकाय बीसियों फुट ऊंचे हॉल में आ खड़े होते हैं।
देश की प्रमुख गुफाओं में से एक है बोरा की गुफाएं। बोरा गुफाएं छत्तीसगढ़ में कोटमसर गुफाओं जैसी गर्म और दमघोंटू नहीं हैं। इसकी वजह इनकी भीतर से विशालता भी है। विशाखापट्टनम में रुककर भी दिन में गुफाएं देखी जा सकती हैं।
बेलम गुफाएं : आंध्र में ही कुरनूल से 106 किलोमीटर दूर बेलम गुफाएं स्थित हैं। मेघालय की गुफाओं के बाद ये भारतीय उपमहाद्वीप की दूसरी सबसे बड़ी प्राकृतिक गुफाएं हैं। इन्हें मूल रूप से तो 1854 में एचबी फुटे ने खोजा था लेकिन दुनिया के सामने 1982 में यूरोपीय गुफा विज्ञानियों की एक टीम ने इन्हें मौजूदा स्वरूप में पेश किया।
पहाड़ियों में स्थित बोरा गुफाओं के विपरीत बेलम गुफाएं एक बड़े से सपाट खेत के नीचे स्थित हैं। जमीन से गुफाओं तक 3 कुएं जैसे छेद हैं। इन्हीं में से बीच का छेद गुफा के प्रवेश द्वार के रूप में इस्तेमाल होता है। लगभग 20 मीटर तक सीधे नीचे उतरने के बाद गुफा जमीन के नीचे फैल जाती हैं। इनकी लंबाई 3,229 मीटर है।
 कुटुमसर की गुफाएं : कुटुमसर की गुफाओं में रहते थे आदि मानव। एक अध्ययन से पता चला है कि करोड़ों वर्ष पूर्व प्रागैतिहासिक काल में बस्तर की कुटुमसर की गुफाओं में मनुष्य रहा करते थे। फिजिकल रिसर्च लैबोरेटरी अहमदाबाद, इंस्टीट्यूट ऑफ पेलको बॉटनी लखनऊ तथा भूगर्भ अध्ययन शाला लखनऊ ने यह जानकारी दी है।
विश्वप्रसिद्ध बस्तर की कुटुमसर की गुफाएं कई रहस्यों को अभी भी अपने में समेटे हुए है जिनका भूगर्भ शास्त्रियों द्वारा लगातार अध्ययन किया जा रहा है। भूगर्भशास्त्रियों का कहना है कि करोड़ों वर्ष पूर्व क्षेत्र में कुटुमसर की गुफाऐं स्थित हैं वह क्षेत्र पूरा पानी में डूबा हुआ था। गुफाओं का निर्माण प्राकृतिक परिवर्तनों साथ साथ पानी के बहाव के कारण हुआ।
कुटुमसर की गुफाएं जमीन से 55 फुट नीचे हैं। इनकी लंबाई 330 मीटर है। इस गुफा के भीतर कई पूर्ण विकसित कक्ष हैं जो 20 से 70 मीटर तक चौड़े हैं। फिजिकल रिसर्च लेबोरेटरी अहमदाबाद के शोधकर्त्ताओं ने इन्हीं कक्षों के अध्ययन के बाद निष्कर्ष पर पहुंचे है कि करोड़ों वर्ष पूर्व यहां के आस पास के लोग इन गुफाओं में रहा करते थे। संभवत: यह प्रागैतिहासिक काल था।
चूना पत्थर से बनी कुटुमसर की गुफाओं के आंतरिक और बाह्य रचना के अध्ययन के उपरांत भूगर्भशास्त्री कई निष्कर्षों पर पहुंचे हैं। उदाहरण के लिए चूना पत्थर के रिसाव, कार्बनडाईक्साइड तथा पानी की रासायनिक क्रिया से सतह से लेकर छत तक अद्भूत प्राकृतिक संरचनाएँ गुफा के अंदर बन चुकी हैं। उल्लेखनीय है कि रक्षामंत्रालय की एक उच्चस्तरीय समिति ने विश्वप्रसिद्ध इस गुफा की झाँकियों को 26 जनवरी के अवसर पर राजपथ पर प्रस्तुत करने की अनुमति भी प्रदान की।
 उंदावली, विजयवाड़ा की गुफा : विजयवाड़ा आंध्र प्रदेश प्रान्त का एक शहर है।  विजयवाड़ा आंध्र प्रदेश के पूर्व-मध्य में कृष्णा नदी के तट पर स्थित है। दो हज़ार वर्ष पुराना यह शहर बैजवाड़ा के नाम से भी जाना जाता है। यह नाम देवी कनकदुर्गा के नाम पर है, जिन्हें स्थानीय लोग विजया कहते हैं। यहाँ की गुफाओं में उंद्रावल्ली की प्रमुख गुफा है, जो सातवीं सदी में बनाई गई थी। शयन करते विष्णु की एक शिला से निर्मित मूर्ति यहाँ की कला का श्रेष्ठ नमूना है। विजयवाड़ा के दक्षिण में 12 किलोमीटर दूर मंगलगिरि की पहाड़ी पर विष्णु के अवतार भगवान नरसिंह का विख्यात मंदिर है।
जम्मू कश्मीर की गुफाएं : कश्मीर में तो अमरनाथ और वैष्णोदेवी की गुफा में हिन्दुजन दर्शन के लिए जाते ही हैं लेकिन कश्मीर में ऐसी चार गुफाएं हैं, जिनके बारे में कहा जा रहा है कि उनका दूसरा सिरा 4000 हजार किलोमीटर दूर रूस तक जाता है। इतना ही नहीं, इन गुफाओं के बारे में और भी ऐसे रहस्य हैं, जिनकी सच्चाई सदियों बाद भी सामने नहीं आईं।
पीर पंजाल की गुफा : जम्मू-कश्मीर के पीर पंजाल में एक गुफा है जहां एक शिवलिंग रखा है। इसका नाम पीर पंजाल केव रखा गया है।
शिव खाड़ी : जम्मू में ही शिव खाड़ी नामक एक गुफा है।
 डुंगेश्वरी गुफा, बिहार : सुजात नामक स्थान पर डुंगेश्वरी गुहा मंदिर को महाकाल गुफाओं के नाम से भी जाना जाता है जो बोधगया (बिहार) के उत्तर-पूर्व में 12 किमी की दूरी पर स्थित है। यहां तीन पवित्र बुद्ध गुफाएं हैं। इन गुफाओं में भगवान बुद्ध ने ध्यान लगाया था। भगवान बुद्ध ने बोधगया आने के पूर्व छह वर्षों तक कठोर निग्रह के साथ इन गुफाओं में तपस्या की थी। यह माना जाता है कि भगवान बुद्ध को यहीं से मध्यम मार्ग का ज्ञान प्राप्त हुआ था। दो छोटे मंदिर इस घटना की याद मे यहां बनाए गए हैं।
मूलत: यह हिन्दू धर्म से जुड़ी गुफाएं हैं जो हिंदू देवी डुंगेश्वरी नाम से विख्‍यात है।
 अर्जन गुफा : कुल्लू से 5 किलोमीटर की दूरी पर जगतसुख स्थान है। जगतसुख कुल्लू के राजा जगत सिंह की राजधानी थी। इस स्थान पर बिम्बकेश्वर और  गायत्री देवी के मंदिर विशेष आकर्षक हैं। इसके नजदीक हमटा नाम स्थान है। यहां प्रसिद्ध अर्जुन गुफा है।
इस गुफा में अर्जुन की विशाल प्रतिमा है। यहां से 2 किलामीटर दूर त्रिवेणी नामक स्थान है,जहां व्यास गंगा, धोमाया गंगा और सोमाया गंगा का संगम है। इससे 1 किलोमीटर की दूरी पर गर्म पानी का चश्मा कलात कुंड है और कपिल मुनि का आश्रम भी यहां है। यहीं पर टोबा नामक प्रसिद्ध गुफा मठ भी है।
 पीतलखोरा की गुफा : पीतलखोरा की गुफा महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले में स्थित है। यहां पत्थर की चट्टानों को काटकर कुल 13 गुफाएं बनाई गई है। गुफा संख्या 3 चैत्य गृह और गुफा संख्या 4 विहार हैं। यहां स्थित 37 अठपहलू स्तंभों में से 12 बचे हैं, तथा शेष ये स्तूप विनष्ट हो गए हैं।  इसका निर्माण सम्भवतः द्वितीय शताब्दी ईसा पूर्व में होने का अनुमान है।
 वाणावर (बराबर) : प्राचीन मगध साम्राज्‍य के गौरवमयी विरासत प्रतीक स्‍वरूप है वाणावर जिला। वाणावर पहाड़ी समूह में प्रमुख रूप से वाणावर एवं नागार्जुनी पहाड़ियां सम्मिलित है। वैसे तो इस पहाड़ी समूह में मूर्त्ति शिल्‍प, भित्ति चित्र एवं ललित कला के नायाब नमूने मिलते हैं, पर उस पहाड़ी समूह का सर्वप्रमुख आकर्षण यहां की गुफाएं है। माना जाता है कि ग्रेनाइट की शैलों में आज से लगभग ढ़ाई हजार वर्ष पहले ये गुफाएं बनाई गई थी।
इन गुफाओं को भारतीय वास्‍तुकला की उन गरिमामयी परम्‍परा में स्थान प्राप्त है, जिसमें उदयगिरि, खंडगिरि, अजंता एवं एलोरा की गुफाओं को रखा गया है। इन गुफाओं में उत्‍कीर्ण अभिलेखों से पता चलता है कि मौर्य शासक अशोक महान एवं उनके पोते दशरथ ने इन गुफाओं को अजीवक संप्रदाय के संतों को दान में दिया था।
वाणावर पहाड़ी के उतुंग शिखर पर स्थित बाबा सिद्धेश्‍वर नाथ का मंदिर भी ऐतिहासिक है। ऐसा कहा जाता है कि महाभारत कालीन वाणासुर ने इसकी स्‍थापना की थी । वापी गुफा में अंकित एक अभिलेख से इस मंदिर के 7वीं-8वीं शताब्‍दी के होने का उल्‍लेख मिलता है।
 उदयगिरि की गुफाएं : उदयगिरि मध्यप्रदेश के विदिशा से वैसनगर होते हुए पहुंचा जा सकता है। नदी से यह पहाड़ी लगभग 1 मील की दूरी पर है। यह प्राचीन स्थल भिलसा से चार मील दूर बेतवा तथा बेश नदियों के बीच स्थित है।
पहाड़ी के पूरब की तरफ पत्थरों को काटकर अद्भुत गुफाएं बनाई गई हैं। उदयगिरि को पहले नीचैगिरि के नाम से जाना जाता था। कालिदास ने भी इसे इसी नाम से संबोधित किया है। 10 वीं शताब्दी में जब विदिशा धार के परमारों के हाथ में आ गया, तो राजा भोज के पौत्र उदयादित्य ने अपने नाम से इस स्थान का नाम उदयगिरि रख दिया।
उदयगिरि में कुल 20 गुफाएं हैं। इनमें से कुछ गुफाएं 4वीं-5वीं सदी से संबद्ध है। गुफा संख्या 1 तथा 20 को जैन गुफा माना जाता है। बाकी शिव गुफा, वराह गुफा, वैष्णव गुफा आदि गुफाओं के नाम से विख्‍यात है। इन गुफाओं का संवरक्षण करना जरूरी है।
 उदयगिरि और खंडगिरि गुफाएं : उदयगिरि और खंडगिरि ओडीशा में भुवनेश्वर के पास स्थित दो पहाड़ियां हैं। इन पहाड़ियों में आंशिक रूप से प्राकृतिक व आंशिक रूप से कृत्रिम गुफाएं हैं जो पुरातात्विक, ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व की हैं। भुवनेश्वर से 8 किमी दूर स्थित इन दो पहाड़ियों का वातावरण काफी निर्मल है। उदयगिरि और खंडगिरि में कभी प्रसिद्ध जैन मठ हुआ करते थे। इन मठों को पहाड़ी की चोटी पर चट्टानों को काट कर बनाया गया था।
इन्हीं मठों को आज गुफा के रूप में देख सकते हैं। ये मठ काफी प्रचीन थे और इसका निर्माण ईसा पूर्व दूसरी शताब्दी में हुआ था ।

What is programming | introduction to programming in hindi

What is Programming?
Introduction to Programming 

India में हर साल लाखों students computer scientists बनते है। हालाँकि एक computer scientist सिर्फ programming ही नहीं करता है, लेकिन programming computer science का बहुत ही महत्वपूर्ण part है। इसलिए एक शुरआती programmer होने के नाते आपके लिए programming और उससे related components का concept ठीक से समझना बहुत जरुरी है। कितने ही ऐसे programmers होते है जो programming तो कर रहे होते है लेकिन उनको programming के पीछे का concept नहीं पता होता है। आइये इसके बारे में जानने का प्रयास करते है।  
आसान शब्दों में कहा जाये तो programming एक ऐसी process होती है जिसमें एक programmer CPU (Central Processing Unit) को कोई task perform करने के instructions देता है। ये task कुछ भी हो सकता है जैसे की दो numbers को add करना आदि।
Programming कुछ components से मिलकर एक समग्र रूप धारण करती है।
Programming LanguageCompiler / Interpreter Programmer इन components के बारे में निचे detail से बताया जा रहा है। 
Programming Language 
Humans जब भी interact करते है तो किसी language के माध्यम से करते है। एक CPU को भी आप language के माध्यम से ही instructions देते है। ऐसी language जो CPU को instructions देने के लिए programmers यूज़ करते है programming language कहलाती है।

CPU सिर्फ binary language (0 & 1) को ही समझता है। लेकिन किसी भी human के लिए binary language में programming करना असंभव है। इसलिए simple English sentences को यूज़ करते हुए programming languages develop की गयी।
ऐसा करने से programming करना बहुत अधिक आसान हो गया। अब जैसा की आप देख सकते है हर कोई basic information प्राप्त करके programming करना सिख सकता है। लेकिन पहले ऐसा संभव नहीं था।  

यूट्यूब एकाउंट या चैनल कैसे हैक करें ।

नमश्कार दोस्तो आज मैं आपको बताने वाला हूँ कि कैसे कसी का यूट्यूब एकाउंट या चैनल हैक करें और बो भी सिर्फ 5 मिनट में ।
चेतावनी :- ये पोस्ट सिर्फ एडुकेशन के लिए है अगर आप इस पोस्ट का गलत तरीके के लिए यूज़ करते हो तो ये वेबसाइट इसके लिये जिम्मेदार नही होगी ।

सबसे पहले आपको अपने z-shadow एकाउंट में लॉगिन करना है आगर आपको इसके बारे में नही पता तो आप हमारी ये पोस्ट पढ़े ।
● How to hack facebook account and how to create account on z-shadow
लॉगिन करने के बाद आप डेस्टकोप साइट कर दे । और ऊपर की तरफ सर्च करें यूट्यूब ।
यूट्यूब सर्च करते ही नीचे आपको यूट्यूब का लोगो दिखाई देगा उसके सामने ही आपको
English लिखा दिखाई देगा उस पर क्लिक करे ।
ओर फिर आपको एक लिंक दिखेगा उसे कॉपी कर ले ।

अब आपको जिस किसी का भी यूट्यूब चैनल हैक करना है उसे ये लिंक भेजना है । लिंक ओपन करने के बाद बिल्कुल यूट्यूब लॉगिन पेज की तरहा होगा । 

जब कोई यहां से लॉगिन करेगा तो उसका ईमेल ओर पासवर्ड आपके पास आ जायेगा  ।
जब आपको लगे कि कीसी ने इस लिंक से लॉगिन कर लिया है तो फिर से अपने z-shadow एकाउंट में जाये और डेस्टकोप मोड ऑन कर ले  । और मई विक्टिम
पर क्लिक करे

 अब आपको उसका ईमेल ओर पासवर्ड मिल जाएगा अब आप उसके एकाउंट से कुछ भी कर सकते है । अब उसको इस बात का पता भी नही होगा कि उसका यूट्यूब चैनल हैक हो चुका है । तो दोस्तों आज की पोस्ट में इतना ही ओर अगर आप हमारी हैकिंग से सम्बंधित ओर भी पोस्ट पढना चाहते है तो बो नीचे दी गई है :-
■ हमारी हैकिंग से रिलेटेड सभो पोस्ट पढ़ने के लिए यहां क्लिक करे

यूट्यूब से जाएदा पैसे कैसे कमाए और यूट्यूब के लिए video कैसे बनाये।

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अब आप वीडियो अपलोड करने के लिए तैयार हैं। अब अपना वीडियो चुन लें। चुनते ही आपका वीडियो अपलोड होने लगेगा। यहां आप वीडियो का Title, Description और Tag लिखें। आप चाहें तो अपने अलग-अलग वीडियो के लिए अलग-अलग Playlistबना सकते हैं। 
यहाँ आप Translation और Advanced Settingsमें जाकर अपने जरुरत के हिसाब से सेटिंग्स बदल लें। थोड़ी देर में आपका वीडियो अपलोड होकर पब्लिश हो जायेगा और सारी दुनिया उसे देख सकेगी।
ऐसे ही धीरे-धीरे बहुत सारे अच्छे और काम के और पसंद करने लायक वीडियो बनाएं और अपलोड करें। अपने वीडियो को और आकर्षक और प्रोफेशनल बनाने के लिए आप किसी अच्छे Video Editor Software का भी इस्तेमाल करें।


यूट्यूब से पैसे कैसे कमाएं?
सबसे पहले बहुत सारे अच्छे-अच्छे वीडियो अपलोड करें और अपने Subscribers बढ़ाएं।
अब यूट्यूब के सेटिंग में जाकर Monetization को Enable करें। यहां आपको अपने   Google Adsense Account से अपने यूट्यूब अकाउंट को लिंक करना होगा। यदि आपके पास Adsense Account नहीं है तो आप अप्लाई कर सकते हैं।
अब आप YouTube से पैसे कमाने के लिए तैयार हैं।

यूट्यूब से पैसे कमाने के अन्य तरीके
Fan Funding - अपने Fans और Subscribers से आग्रह करें की वे आपको फण्ड करें ताकि आप और अधिक और अच्छे-अच्छे वीडियो बनाकर अपलोड कर सकें।
ब्रांड्स के साथ काम करें- जी हाँ, कई ऐसे बड़ी कंपनियां हैं जो कामयाब और लोकप्रिय YouTube Channels के साथ काम करना चाहती हैं। उनके साथ एग्रीमेंट करें।
Crowdfunding - Crowd funding के जरिए पैसा इक्कठा करें।

यूट्यूब से ज़्यादा पैसे कमाने के लिए क्या करें



यूट्यूब (YouTube) से पैसे कामना कोई बहुत मुश्किल काम नहीं है। यदि आप के पास सिर्फ एक स्मार्टफोन (Smartphone) और इंटरनेट (Internet) है तो भी आप शुरुआत कर सकते हैं।




मैंने आपको पहले बताया कि आप यूट्यूब के लिए वीडियो कैसे बनाए और यूट्यूब से पैसे कैसे कमाए। आइए अब जाने यूट्यूब से अपनी आमदानी बढ़ाने के कुछ उपाय।

यूट्यूब से ज्यादा पैसे कैसे कमाएं ?

  1. अपने YouTube Channel को Monetize करें- जब आपने कुछ वीडियो यूट्यूब पर अपलोड कर दिया हो और आपके कुछ Subscribers बन जाएँ तब आप अपने चैनल को मोनेटाइज करें। आप यूट्यूब सेटिंग में जाकर ऐसा कुछ ही मिनोटों में कर करते हैं।

     
  2. ज्यादा वीडियो बनाएं और अपलोड करें - ज्यादा पैसे कमाने के लिए आपको ज्यादा से ज्यादा प्रोफेशनल वीडियो बनाकर यूट्यूब पर अपलोड करने चाहिए। ज्यादा लम्बे वीडियो बनाने की कोई जरुरत नहीं है। लोग छोटे और काम के या मजेदार वीडियो पसंद करते हैं। ऐसे ही छोटे और मजेदार वीडियो बनाएं।

     
  3. Playlist बनाएं- अपने वीडियोस को अलग-अलग Categories में बनाएं और हर केटेगरी के लिए अलग Playlist बनाएं। ऐसा करने से ज्यादा लोग आपके वीडियो देखेंगे और आपके Subscribers भी बढ़ेंगे।

     
  4. Annotations को Enable करें - ऐसा आप YouTube Settings में जाकर कर सकते हैं। ऐसा करके आप Apple iTunes और Google Play से live links पा सकते हैं।

     
  5. Network जॉइन करें - आप YouTube network जैसे की Fullscreen या Maker Studios को जॉइन कर सकते हैं जो आपके YouTube दर्शकों को ज्यादा Rate देने वाले Ads दिखायेगा। ये नेटवर्क आपको पैसे कमाने के लिए और मौकों के बारे में बताएगा और आपके videos को प्रमोट भी करेगा जिससे आपके Views और आमदनी बढ़ेगी।

     
  6. Description में Links डालें - जब आपने वीडियो अपलोड करते समय टाइटल और Tags डाल दिया हो तब Description में outbound links डालें। आप चाहें तो किसी भी वेबसाइट या ब्लॉग का लिंक डाल सकते हैं चाहे वो iTunes हो, Google Play हो या कोई   Affiliate

ऊपर दिए उपयों से आप निश्चित ही अपने Youtube Income बढ़ा सकते हैं।

यूट्यूब के लिए वीडियो कैसेबनाएं
 आप कई तरह से यूट्यूब के लिए videos बना सकते हैं। ऐसे कई सारे वेबसाइट और सॉफ्टवेयर हैं जिनकी मदद से आप बहुत ही आसानी से अच्छे वीडियो बना सकते हैं।


मैं अपने वीडियो खुद अपने स्मार्टफोन या Camcorder से बना कर वीडियो एडिटिंग सॉफ्टवेयर से एडिट करके अपलोड करता हूँ।

आइए जानें की आप कैसे YouTube के लिए Professional और अच्छे Videos बना सकते हैं।

यूट्यूब के लिए वीडियो कैसे बनाएं?

  1. स्मार्टफोन (Smartphone) - यदि आपके पास कोई ऐसा स्मार्टफोन है जिससे आप HD Quality के वीडियो शूट कर सकते हैं तो उसका भरपूर इस्तेमाल करें।
     
  2. Camcorder - जब आप कुछ सक्सेसफुल हो जाएँ तब एक अच्छा Camcorder खरीद लें और उससे अपने वीडियो रिकॉर्ड करें।
     
  3. स्क्रीन रिकॉर्डर (Screen Recorder) - ऐसे कई सारे Software और   Android और iPhone Apps हैं जिनसे आप अपने कंप्यूटर, लैपटॉप या स्मार्टफोन के स्क्रीन में हो रही गतिविधियों को आसानी से रिकॉर्ड कर सकते हैं। ऐसे सॉफ्टवेयर और एप्प्स का इस्तेमाल करें।
     
  4. Video Editing - ऐसे कई सारे अच्छे और फ्री वीडियो एडिटिंग सॉफ्टवेयर उपलब्ध हैं जिनसे आप अपने वीडियो को और निखार कर उन्हें प्रोफेशनल बना सकते हैं। उनका इस्तेमाल करें।
     
  5. Background Music - आप अपने वीडियो को और आकर्षक बनने के लिए बैकग्राउंड म्यूजिक भी लगा सकते हैं। ऐसे कई सारे Music YouTube पर ही उपलब्ध हैं। ध्यान दें की आप किसी और का Copyright म्यूजिक इस्तेमाल नहीं कर सकते।

उम्मीद है अब आप समझ और सिख गए होंगे की यूट्यूब के लिए वीडियो कैसे बनाएं।

घर पर बैठ कर पैसे कमाने के 10 तरीके ।

घर से पैसे कमाने के कई तरीके है। इनमे से कुछ सही हैं तो कुछ  धोखेबाज़ (Scam) भी हैं।लेकिन आज मैं जो तरीके तरोके बताने बाला हूँ जिनसे आप लाखो भी कम सकते है लेकिन आपको इसके लिए बहुत मेहनत करनी पड़ेगी ये जो तरीके है बो बिल्कुल भरोसेमंद है । तो आइये जानें 10 ऐसे ही बेहतरीन तरीके जिनसे आप घर से पैसे कमा सकते हैं।


1. वेबसाइट - अपना खुद का वेबसाइट बनायें और   विज्ञापनतथा दूसरे माध्यमों से पैसे कमाएं। अगर आप वेबसाइट बनाना नहीं जानते तो मैं आपको शॉर्टक में बताता हूँ ।
सबसे पहले blogger. com पर जाएं और ओर अपनी जीमेल id से लॉगिन करे और फिर क्रेट न्यू ब्लॉग पर क्लिक करे ओर जो नाम आपको अच्छा लगे बो बना ले और आप जो नाम लिखेंगे उसके आगे blogspot.com लगेगा जैसे ।www.xyz.blogspot.com ओर बाद में आप डोमेन लेकर इसे चेंज कर सकते है ।

2. ब्लॉग - अपना खुद का ब्लॉग बनायें और विज्ञापन तथा अन्य माध्यमों से पैसे कमाएं। शुरुआत करने के लिए आप    Blogger.com पर मुफ्त में ब्लॉग बन सकते हैं। जब आप अच्छी तरह ब्लॉगिंग सिख जाएँ तब अपना प्रोफेशनल ब्लॉग बनायें। यदि आप ब्लॉग बनाना नहीं जानते तो पहले बल पॉइंट पढ़े।

3. एंड्राइड एप्प्स - यदि आप C ++ और JAVA जानते हैं तो आप आसानी से   एंड्राइड एप्प्स बना सकते हैं। इसकेलिए आपको Android Studio और SKD Tool की आवश्यकता होगी। यदि आप JAVA नहीं जानते तो आपको थोड़ी मुश्किल होगी।

लेकिन ऐसे कई सारे वेबसाइट हैं जहाँ आप बहुत ही आसानी से एंड्राइड एप्प्स कुछ ही मिनटों में बना सकते हैं। मैं ऐसे ही एक वेबसाइट का प्रयोग करता हूँ जो है - www.appsgeyser.com .

एप्प्स बनाने के बाद आपको उसे Google Playstore में पब्लिश करना होगा। इसके लिए आपको Google Play Developer Console में जाकर अपना पब्लिशर अकाउंट बनाना होगा। इसके लिए आपको सिर्फ एक बार 25 $ देने होंगे।

अपना पब्लिशर अकाउंट बनाने के बाद अपने एप्प को पब्लिश करें। ऐसे ही धीरे-धीरे और ज्यादा एप्प्स बनाकर पब्लिश करें। जब आपके एप्प्स पर्याप्त मात्रा में (काम से काम 1 ,000) डाउनलोड हो जाएँ तब आप AdMob के विज्ञापन अपने एप्प्स में लगाकर पैसे कमा सकते हैं।

ऐसे कई सारे पब्लिशर्स हैं जो एप्प्स से लाखों रुपए रोजाना कमा रहे हैं।

4. यूट्यूब से कमाएं- जी हाँ, आप   YouTube पर वीडियो अपलोड करके विज्ञापन से पैसे कमा सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले अपने GMail से यूट्यूब में Login करें और अपना अकाउंट बना लें।

शुरुआत में आप अपने मोबाइल फ़ोन या स्मार्टफोन से वीडियो शूट करके अपलोड कर सकते हैं। अपलोड करने से पहले अपने वीडियो को एडिट आवश्य करें। इसके लिए आप किसी अच्छे वीडियो एडिटिंग सॉफ्टवेयर का प्रयोग करें।

ऐसे ही धीरे-धीरे और वीडियो अपलोड करें और अपने Subscribers की संख्या बढ़ाने की कोशिश करें। जब आपके वीडियोस के View और Subscribers बढ़ जाएँ तब यूट्यूब के सेटिंग्स में जाकर अपने वीडियोस को "Monetize". इसके लिए आपको Google AdSense की आवश्यकता होगी। यदि आपका AdSense अकाउंट नहीं है तो आप यूट्यूब के माध्यम से अप्लाई कर सकते हैं।

ऐसे कई लोग हैं जो यूट्यूब से लाखों रुपए कमा रहे हैं।

5. घर से बिज़नेस करें - यदि आपके पास कोई बिज़नेस आईडिया है तो आप घर से बिज़नेस की शुरुआत कर सकते हैं। सबसे पहले अपना बिज़नेस प्लान लिखें और बजट बना लें। यदि आपके पास बिज़नेस के लिए पैसे नहीं हैं लेकिन आपके बिज़नेस मॉडल में दम है तो कोई बैंक आपको क़र्ज़ दे देगा।

6. फ्रीलान्स राइटिंग - ऐसे कई वेबसाइट हैं जहाँ आप अपना पोस्ट या लेख प्रकाशित कर सकते हैं। हर पोस्ट या लेख के लिए आप पैसे कमा सकते हैं। ऐसे काम के लिए आप www.getafreelancer.com पर जा सकते हैं।

7. eBay और Amazon पर सामान बेच कर पैसे कमाए -   eBay और   Amazon पर सामान बेचना काफी आसान है। सबसे पहले बेचने के लिए सामानों की एक लिस्ट बना लें। इसके लिए आप eBay और Amazon Seller App की मदद ले सकते हैं। इसके बाद eBay और Amazon पर अपना Seller अकाउंट बना कर सामान बचें और मुनाफा कमाएं।

8. डोमेन नाम बेचकर पैसे कमाए - जी हाँ, आप Domain Name (उदहारण - www.xyz.com) बेच कर भी पैसे कमा सकते हैं। इसके लिए आप www.bluehost.com जैसे वेब होस्टिंग कंपनी के वेबसाइट पर अपना अकाउंट बना लें और कुछ डोमेन नाम रजिस्टर कर लें। डोमेन नाम ऐसे हों जो कोई न कोई आवश्य खरीदना चाहे। जब कोई आपसे डोमेन नाम खरीदने के लिए संपर्क करे तो अपना मुनाफा जोड़कर उसे बेच दें।

9. फोटो बेच कर पैसे कमाए - यदि आप फोटोग्राफर हैं और अच्छी तस्वीरें घिचतें हैं तो आप अपनी तस्वीरों को बेच कर पैसे कमा सकते हैं। इसके लिए आप www.shutterstock.com पर जा सकते हैं।

10. ऑनलाइन टीचर बनकर पैसे कमाए- जी हाँ, आप ऑनलाइन टीचर बनकर भी पैसे कमा सकते हैं। इसके लिए आप www.homeworkhelp.com याwww.justanswer.comपर जाएँ और अपना अकाउंट बना लें। अब अपनी क़ाबलियत के सब्जेक्ट चुनें और टीचर बनने के लिए अप्लाई कर दे।
दोस्तों ये कुछ तरीक़े थे घर से ऑनलाइन पैसे कमाने के अगर अपने इनमे से एक भी तरीका चुना ओर इस पर मन लगाकर काम किया तो एक न एक दिन आप जरूर सफल होंगे बस आपको कड़ी मेहनत करनी है । अगर आप स्टूडेंट्स है या कुछ और कर रहे है तो आप इन्हें पार्ट टाइम जोब के तौर पर भी कर सकते हो और जब अच्छे पैसे कमाने लगोगे तो आप इसे फुल टाइम भी कर सकते हो   । ये आपके काम पर डिपेंड करता है ।

यूट्यूब से पैसे कैसे कमाए । बिना video बनाए ।

नमस्कार दोस्तो आज मैं आपको बताने वाला हूँ कि यूट्यूब से पैसे कैसे कमाए ओर बो भी बिना वीडियो बनाये   आजकल लोग यूट्यूब पर बहुत जा रहे है । और हर दिन पता नही कितने चैनल बनते है और हर महीने लाखो लोग चेनल बनाते है । और ये सभी चैनल सिर्फ पैसे कमाने के लिए बनाए जाते है । इसलिए  आज मै आपको ये नही बताऊंगा की यूट्यूब पर चैनल कैसे बनाये या व्यू कैसे बढ़ाएं मैं सिर्फ ये बताऊंगा की यूट्यूब से पैसे कैसे कमाए ओर बो भी बिना मेहनत किए । सिर्फ आपको यूट्यूब से ही वीडियो उठानी है और डाल देनी देनी है।अब आप सोच रहे होंगे कि ऐसा करने से तो यूट्यूब कॉपीराईट दिखायेगा । तो मैं इसी चीज को बताने बाला हूँ कि बिना कॉपीराइट के यूट्यूब वीडियो को फिर से यूट्यूब पर चढ़ाकर पैसे कैसे कमाए । ओर इसे मैने खुद आजमाया भी है । सिर्फ एक दो महीनों में मैन यूट्यूब पर  50k व्यूज पूरे कर लिए । तो चलिए शुरू करते है ।

सबसे पहले आपको आपको अपनी यूट्यूब ऐप्प में जाना है और आपको बो चीज़ सर्च करनी है जिस पर आपको लगता है बहुत व्यूज आ सकते है तो पहले उसे सर्च कर ले । ओर आपके सर्च बार के ठीक आगे आपको तीन लाइन्स दिखाई देंगी आपको उन पर क्लिक करना है । जैसा नीचे इमेज में है ।

क्लिक करने के बाद आपको बहुत से ओपेशन दिखाई देंगे आपको उनमे से सबसे नीचे बाले ओपेशन creative common पर क्लिक करना है

 तो अब आपके सामने वीडियो आ जाएगी आपको इनमे से एक ऐसी वीडियो लेनी है जिसमे की जयदा व्यू आ सकते हो । और वीडियो चूज़ कर लेने के बाद आपको उसका लिंक कॉपी कर लेना है । और उसके बाद किसी एक ब्राउज़र में जाना है । और उस लिंक को पेस्ट करना है ऐसा करने से आपके सामने एक नई पेज ओपन होगा अब आपको उस उपर लिंक बार मे जाना है और लिंक में जो यूट्यूब लिखा है उसके आगे आपको ss लगाना है जैसे नीचे है ।
https://youtu.be/bJO3FVHUxJk ये लिंक है अब यूट्यूब के आगे ss लगाना है जैसे
https://ssyoutu.be/bJO3FVHUxJk
तो अब ऐसा करने से आपके सामने नई पेज खुलेगा जैसे नीचे दिखाया गया है ।

अब आपको यहां पर डाऊनलोड पर क्लिक कर लेना है । और इस वीडियो को डाऊनलोड कर लेना है । और ये वीडियो आपकी गैलरी में सेव हो जाएगी अब आपको इस बीडीओ को थोड़ा थोड़ा एडिट करना है । ताकि ये पता न लग पाए कि कॉपी की गई वीडियो है । और एडिट करने के बाद आपको इस वीडियो को  यूट्यूब पर अपलोड कर देना है । अब आपको यूट्यूब पर कोई भी कॉपीराइट इशू नही आएगा । लेकिन इसके लिए आपको जो जो स्टेप मैन बताये है उन सभी को फॉलो करना है तभी यूट्यूब पर आपको कोई स्ट्राइक नही आएगी ।

Google पर trends में क्या चल रहा है कैसे पता करें

नमस्कार दोस्तों आज मैं इस छोटी सी पोस्ट में ये बताऊंगा की कैसे पता करें कि google पर किया ट्रेंड में चल रहा ।
आगर आप एक ब्लॉगर हो तो ये पोस्ट आपके लिए तो बहुत ही जरूरी है और ये आपके लिए फायदेमंद भो होगी ।
अक्सर ब्लॉगर्स को ये पता नही होता कि गूगल पर किया ट्रेंड चल रहा है । अक्सर जो गूगल पर ट्रेंड होता होता है उस पर ही कई लोग पोस्ट लिखते है इससे होता ये है की इससे ट्रैफिक आता है । और ये टैफिक ओर पैसे दोनों के लिए बहुत अच्छा तरीका है तो आइए जानते है ।
गूगल पर किया ट्रेन्ड चल रहा है कैसे पता कर ।
तो सबसे पहले आपको गूगल ट्रेंड्स में जाना है । 


Go to google trends
अब आपको कोई एक कंट्री सलेक्ट करनी है और उसके बाद आपको कैटोगरी सलेक्ट कर लेनी है । और उनके बाद आपको नीचे शो हो जाएगा की जो कंट्री कर कैटोगरी अपने सलेक्ट की है उसमें किया ट्रेंड चल रहा है अब आप उस पर ट्रेडिंग टॉपिक पर पोस्ट लिख सकते है और जायेदा से जायेदा ट्रैफिक ला सकते है और ओर अपनी ब्लॉग से कमाई भी कर सकते है ।

टोर ब्राउज़र किया होता है और इसे मोबाइल में कैसे इनस्टॉल करे और इसके फायदे क्या है।

टोर ब्राउज़र किया होता है और इसे मोबाइल में कैसे इंस्टाल करे या चलये कैसे  ओर इसके क्या क्या फायेदे है ।


नोट :- ये पोस्ट सिर्फ एडुकेशन के लिए है । अगर आप इस का गलत या गैर कानूनी काम करते हो तो ये वेबसाइट उसके लिए जिम्मेदार नही होगी । इस पोस्ट में गैर कानूनी जानकारी नही दी गई है । इसलिए इसका सही सही इस्तेमाल करे । इसका अनुपयोग न करे ।

अगर आप हैकर है या आप हैकर बनना चाहते है तो ये पोस्ट आपके लिए है । अगर आप हैकर नही हो और न ही बनना चाहते हो लेकिन आप इंटरनेट पर उल्टे सीधे काम करते रहते है । तो आपके लिए भी ये पोस्ट जरूरी है ।  तो सबसे पहले ये जानते है कि टोर ब्राउज़र किया होता है ।
टोर browser क्या होता है
जाब अपने मेरी पोस्ट का टाइटल पढ़ा होगा तो आपके मन मे एक ही सवाल आया होगा कि टोर ब्राऊज़र किया होता है और इसका इस्तेमाल हमे क्यों करना चाहिए ।
तो मैं आपको बता दूं कि टोर ब्राऊज़र एक कंप्यूटर सॉफ्टवेयर है । और इसे मोबाइल में चलाना हर कोई नही जानता हालाँकि ये बहुत आसान है ।
टोर ब्राऊज़र का इस्तेमाल हैकर करते है  । हैकर बो होते है जो इंटरनेट के साथ जो चाहे बो कर सकते है । उन्हें इंटरनेट की पूरी जानकारी होती है ।
हैकर टोर का इस्तेमाल क्यूँ करते है ।
क्योंकि टोर ब्राऊज़र आपकी ip एडरेस हाईड कर देता है । जिससे कोई भी ये पता नही लगा सकता है अपने अपने मोबाइल में किया किया ब्राउज किया है । किया डाऊनलोड किया है   । इसकी जानकारी सिर्फ आपको ही होगी । अगर हम दूसरे ब्राऊज़र जी बात करे जैसे क्रोम आदि तो इन मे आपका ip एड्रेस शो हो जाता है और अपने क्या -क्या ब्राउज किया है क्या क्या डाऊनलोड किया सब पता लग जाता है । और अगर अपने अपने मोबाइल से कोई गैर कानूनी काम किया तो आप पकड़े जा सकते है   । लेकिन टोर से आपको कोई नही पकड़ सकता । इसलिए हमें टोर का इस्तेमाल करना चाहिए ।
टोर ब्राऊज़र इस्तेमाल करने के क्या क्या फायेदे है ।
1. इससे आप गैर कानूनी काम कर सकते है । (हमारी वेबसाइट गई कानूनी काम करने की इजाजत नही देती है लेकिन अगर आप इसका गलत इस्तेमाल करते है तो हमारी वेबसाइट जिम्मेदार नही होगी ।)
2. इससे आप अपने दोस्तों से मस्ती भी कर सकते है । जैसे कि मोबाइल हैक करना । फसेबूक हैक करने आदि ।
3. इससे आप आसानी से ब्राऊज़िंग कर सकते है । और अगर आप उल्टे सीधे काम करते है जैसे पोर्न देखना आदि । तो आप बिलकुल सुरक्षित होंगे ।
4.कोई भी आपका ip ट्रेस नही कर सकता । और अगर आप हैकर है तो आपके लिए ये बेस्ट है ।
5 . अगर आप हैकर हो  तो आप इसका उसे बडे आसानी से कर सकते हो । उसके लिए आपको कंप्यूटर लेने की जरुरत नही है ।
टोर ब्राऊज़र को मोबाइल में कैसे इंस्टॉल करे ।
तो दोस्तों अब मैं बताने बाला हूँ कि टोर को mobile में कैसे इंस्टॉल करे ।
तो सबसे पहले आपको प्ले स्टोर में जाना है और वहां सर्च कर देना है ___________________
         |    Tor browser        |
         |___________________| सर्च करने के बाद आपके
समने आएगा orfox:- tor for Android जो कि 25mb का है उसे आपको डाऊनलोड कर लेना है ।

जैसे ही ये इनस्टॉल हो जाएगा तो तो इसे ओपन करे ओपन करते ही आपको शो होगा । डाउनलोड orbot तो आपको उस पर ok कर देना है । जैसे ही आप ok करोगे तो आप फिर से प्ले स्टोर में जा पहुंचोगे और एक नई ऐप्प होगा orbot आपको इसे डाऊनलोड करना है ।
 अगर आप इसे डाऊनलोड नही करेंगे तो टोर नही चलेगा । ये सिर्फ 11mb का है । डाऊनलोड होते ही इसे ओपन करे और नीचे स्टार्ट का ओपेशन होगा अपको पहले उस पर क्लिक करना है और उसके बाद स्टार्ट के साथ ही ब्राउज भी दिया होगा उस पर क्लिक करना है । फिर बहां से बापिस आ जाना है । और टोर को ओपन करना है । तो अब आपका टोर ब्राऊज़र खुल जायेगा कोई भी बाधा नही आएगी । तो अब आपके फोन में टोर ब्राऊज़र इंस्टाल हो चुका है अब आप आसानी से इसका इस्तेमाल कर सकते है ।
Warning:- इसका इस्तेमाल गलत कामो के लिए न करे । अगर आप इससे कोई भी गैर कानूनी काम करते है तो हमारी वेबसाइट उसके लियर जिम्मेदार नही होगी ।
        

Funny hindi jokes

शराब की बोतल में कितने भी बड़े अक्षर में "खतरा" लिख लो ,
लोग पिएँगे ही !.
.
क्योंकि
भारत में सब
खतरों के खिलाड़ी  ही है!


हर समुंदर में साहिल नहीं होता हर जहाज़ में मिज़ाइल नहीं होती अगर धीरूभाई नहीं होते तो हर गधे के पास मोबाइल नहीं होता.


जब देखा उन्होंने तिरछी निगाहों से, तब हम मदहोश हो गये. पर जब पता चला कि उनकी नजरें ही टेढ़ी है , तो हम बेहोश हो गये.


आशिक पागल हो जाते हैं प्यार में, जब भी देखो रहते है इन्तजार में , लेकिन ये उनकी दिलरुबा नही समझतीं, वो बैठ कर चली जाती है किसी और की कार में.


देखा तुझे तो रूह खुश हो गयी, एक कमी थी वो भी पूरी हो गयी. पागल है वो लोग जो कहते हैं कि चिम्पैंजी की आखिरी नस्ल कहीं खो गयी.


कोई पत्थर से न मारे
मेरे दिवाने को…
.
Nuclear power का जमाना है,
बम से ऊड़ा दो साले को…


जब तुम इस दुनियाँ से जाओगे, दूर कहीं एक नया जन्म पाओगे, इस बार गलती से जो हुआ सो हुआ, मुझे यकीन है अगली बार लम्बी पूछ और चार टांग के साथ आओगे.


रोज लोगों से तेरे पंगे होंगे, रोज तेरे घर में दंगे होंगे, अगर मुझे SMS नही किया तो याद रखना, तुम्हारे 12 बच्चे होंगे और सारे लफंगे होंगे.


चम चम करती  चांदनी
टीम टीम करते  तारे…
कोई मेसेज नही भेज रहा
सोयाबीन काट रहे हो  क्या सारे…?


तुमसा कोई धरती पर हुआ , तो रब से शिकायत होगी. एक तो झेल लिया , दूसरा आया तो कयामत होगी.


हर तरफ पढ़ाई का साया है, किताबो मैं सुख किसने पाया है, लड़के तो जाते है tution लड़कियाँ देखने, और sir कहते है देखो इतनी बरसात मे लड़का पढ़ने आया है.


चूहे का सेहरा सुहाना लगता है
चुहिया का तो दिल दिवाना लगता है
पल भर में ऐसे कुतरते हैं कपडे
अब तो हर कपडा पुराना लगता है…


मोहब्बत के हर रास्ते में दर्द
ही दर्द मिलेगा
मैं सोच रहा हु उस रास्ते पर
मेडिकल खोल लू..
मस्त चलेगा

गौर फरमाईयेगा जरा…
बावरी होकर इश्क़ मे यारो, वो कमाल कर बैठी,
बावरी होकर इश्क़ मे यारो, वो कमाल कर बैठी,
लिखा.. “I Love You”, और Send To All कर बैठी.


आज की रात आपके लिए खास हो, हर वक़्त मच्छर आपके आस पास हो, काट काट कर आपकी जान खाए, भगवान करे सारी रात आपको नींद ना आए..

इश्क़ में ये अंजाम पाया है,
हाथ पैर टूटे, मुँह से खून आया है!
हॉस्पिटल पहुंचे तो नर्स ने फ़रमाया
बहारों फूल बरसाओ, किसी का आशिक़ आया है!

हिमाचल प्रदेश की बेताल गुफा के रहस्य ।

हिमाचल प्रदेश की बेताल गुफा

नमस्कार दोस्तो आज फिर मैं एक बार आपके लिए एक रहस्य लेकर आया हु जो कि हिमाचल प्रदेश की बेताल गुफा के बारे मे है लोगो का मानना है कि  माता शीतला के गण करते हैं मुरादें पूरी, उत्सवों के लिए कभी देसी घी और बर्तन मिलते थे इस गुफा से
टूर एंड ट्रैवल्स डेस्क समाचार जगत। पर्वत, पहाड़, नदियां और जंगल हमेशा से ही सैर सपाटे के शौकीनों की पसंद रहे हैं। भौगोलिक विविधता वाले हमारे देश में वैसे तो एक से बढ़ कर एक पर्यटन स्थल हैं, लेकिन इन सबमें हिमाचल प्रदेश की बात सबसे अलग है। आज के कॉलम के जरिये हम आपको हिमाचल प्रदेश के रहस्य और रोमांच से भरे पर्वतों और पहाड़ों की सैर पर लेकर चल रहे हैं, साथ ही हिमाचल के अद्भुत सौंदर्य से भी रूबरू करा रहे हैं।
देवभूमि के नाम से प्रसिद्ध हिमाचल प्रदेश में मनमोह लेने वाले डेस्टिनेशन्स हैं, साथ ही हजारों राज भी यहां भरे पड़े हैं। इनमें से कई रहस्य तो ऐसे हैं, जिनके बारे में न तो कभी हम सोच सकते हैं और न ही उनकी थाह ले पाते हैं। आज के कॉलम में पेश है सुंदरनगर के पास स्थित रहस्यमयी बेताल गुफा की जानकारी, उम्मीद है आपको यह पसंद आएगी।

बेताल गुफा में मिलता था देसी घी और बर्तन
हिमाचल के मंडी जिले की सुंदरनगर तहसील ऐसी ही एक रोमांच से भरी गुफा है। यहां भौणबाड़ी की माता शीतला की पहाड़ी तलहटी में उत्तर दिशा में हमें बेताल गुफा के दर्शन होते हैं, जहां किसी समय शुद्ध देसी घी और बर्तन मिलते थे।
स्थानीय बुजुर्गों का कहना है कि गुफा से प्राचीन काल के बर्तन मिलते थे, जो ब्याह-शादी या अन्य कार्यक्रमों में इस्तेमाल में लाए जाते थे। इसके लिए घर का मुखिया पूजा की थाली सजाकर गुफा के द्वार पर सिंदूर से ‘न्यूंदरा’ (निमंत्रण) लगाता था और धूप-दीप जलाकर सच्चे मन से अमुक दिन के लिए जो भी बर्तन चाहिए होते थे, उनके बारे में गुफा के मुख्यद्वारा पर बोलता। बाद में घर के मुखिया द्वारा मांगे गए बर्तन उसी दिन गुफा से प्राप्त हो जाते थे। कार्यक्रम की समाप्ति पर मुखिया द्वारा इन बर्तनों गुफा में छोड़ दिया जाता था। लोगों के जाते ही फिर से ये बर्तन चमत्कारिक रूप से गायब हो जाते थे।
इसलिए मिलना बंद हुए बर्तन
बुजुर्गों का कहना है कि एक बार गांव का ही कोई व्यक्ति गुफा में निमंत्रण देने के बाद कुछ बर्तन ले गया। बाद में उसके मन में लालच आ गया और उसने गुफा को ये बर्तन नहीं लौटाए। उसके बाद से गुफा से बर्तन मिलने का सिलसिला बंद हो गया।
आज भी कायम है देसी घी रिसने के निशान
बेताल गुफा में देसी घी मिलने के निशान आज भी देख सकते हैं। ऐसी किन्वंदति है कि गुफा से शुद्ध देसी घी टपकता था, जिसका इस्तेमाल लोग शादी-ब्याह और दूसरे कार्यक्रमों के लिए करते थे। यह भी किसी रहस्य से कम नहीं था कि आखिर यह देसी घी आता कहां से था।  यदि आप अंदर से गुफा की बनावट पर नजर दौड़ाएं तो आप घी वाली बात को यहां सच होता पाएंगे।
इसलिए बंद हुआ गुफा से देसी घी मिलना
स्थानीय लोगों का कहना है कि एक बार किसी ग्वाले ने अपनी भेड़-बकरियों के साथ एक रात यहां शरण ली और उसी दिन के बाद से यहां से देसी घी मिलना भी बंद हो गया। इसके पीछे जो कारण बताया जाता है, वह भी काफी रोचक है।
लोगों का कहना है कि गुफा में रात को शरण लेने वाले ग्वाले ने पत्थरों से रिस रहे देसी घी को जूठा कर दिया था। वह अपनी जूठी रोटी को बार-बार घी में मलता और फिर उसे खा जाता था, जिससे यह घी दूषित हो गया और उसके बाद गुफा से घी रिसने का यह क्रम भी बंद हो गया।
सुरम्य दृश्यों को देख हो जाएंगे मंत्र-मुग्ध
चारों ओर से हरियाली से आच्छादित बेताल गुफा के बीच से छोटा जैसा नाला बहता है, जिसमें बहने वाले पानी की कल-कल की ध्वनि खुशनुमा संगीत से महौल को खुशनुमा बना देती है। इस गुफा की लंबाई लगभग 35-40 मीटर है तथा यह दोनों तरफ से खुली है। एक तरफ से इसके मुख का व्यास कम है तथा दूसरी तरफ ज्यादा। गुफा की ऊंचाई लगभग 15 फीट है। इसके भीतर लगभग देवी-देवताओं की 45-50 छोटी-बड़ी के मूर्तियां भी हैं।
माता शीतला के गण हैं बेताल
बेताल गुफा के संदर्भ में ऐसी मान्यता है कि गुफा के प्रधान बेताल, माता शीतला के गण हैं,  जिसके चलते यह लोगों की आस्था का स्थल है।  यह गुफा लोगों की मनौतियां पूरी करती है, जब किसी का पशु बीमार हो जाता है या दूधारु पशु दूध देना बंद कर दे या फिर किसी पशु में बांझपन की समस्या हो तो बेताल गुफा में पूजा-पाठ करने से पशु स्वस्थ, दुधारु और प्रजनन योग्य हो जाता है।
सावन के पहले दिन होती है विशेष पूजा-अर्चना
बेताल गुफा में ‘चडन्याला’ (सावन महीने के पहले पखवाड़े में पड़ने वाला दिन) के अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। स्थानीय प्रशासन की ओर से गुफा में रोशनी का प्रबंध किया जाता है। गुफा के बड़े मुख की ओर से गुफा के अंदर नाले के एक ओर से मुख्य पूजा के स्थान तक एक छोटा रास्ता जाता है। छोटे मुख से जाने में थोड़ी कठिनाई हो सकती है, लेकिन श्रद्धा की शक्ति के सामने यह कठिनाई काफी पीछे रह जाती है।
बाहरी दुनिया के लोग आज भी अंजान है बेताल गुफा से
अपने आप में कई रहस्यों और रोमांच को समेटे इस गुफा से आज भी बाहरी लोग अनजान हैं, लेकिन दुनिया को इसके महत्व का पता होना चाहिए। इसीलिए हमने आज के कॉलम में बेताल गुफा के कुछ रहस्यों से पर्दा उठाने का प्रयास किया है।
ऐसे पहुंचा जा सकता है बेताल गुफा तक
हिमाचल के सुंदरनगर से लगभग तीन किलोमीटर दूर मैरामसीत सड़क से करीब 50 फुट की दूरी पर बेताल गुफा स्थित है। यहां पर किसी भी वाहन के जरिये आसानी से पहुंचा जा सकता है।

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